पांचवें दिन जागा प्रशासन, खुदकुशी करने वाले रोजगार सेवक के घर पहुंचे अफसर
ग्राम रोजगार सेवक संघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह की आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या कर लिए जाने पांचवें दिन जिला प्रशासन की संवेदना जागी। सीडीओ हर्षिता माथुर के निर्देश पर चरगांवा राकेश के आवास पर पहुंच डीसी मनरेगा ने परिजनों से मुलाकात की। उन्हें वित्त वर्ष 2019-20 का राकेश का बकाया मानदेय 40500 रुपये दिए। इसके अलावा भटहट ब्लाक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से जुटाई गई 25000 रुपये की आर्थिक मदद भी दी गई। विश्वास दिया कि जल्द ही शेष बकाया मानदेय भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से ग्राम रोजगार सेवक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह की आर्थिक दिक्कतों के कारण आत्महत्या किए जाने की खबर को प्रमुखता से निरंतर उठाया जा रहा है। प्रदेश के 37 हजार रोजगार सेवकों का तकरीबन 180 करोड़ रुपये का मानदेय सत्र 2017-18, 2018-19 से बकाया है। गुरुवार को डीसी मनरेगा उमेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी भटहट अनिल कुमार एवं खण्ड विकास अधिकारी कैम्पियरगंज दिवंगत राकेश सिंह के आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राकेश के निधन पर परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राकेश की मॉ एवं पत्नी को वर्ष 2019-20 का बकाया मानदेय 40500 रुपये का चेक दिया। इसके अलावा भटहट कार्यालय एवं मुख्यालय के कर्मचारियों, रोजगार सेवकों के सहयोग से जुटाई गई 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की गई। इस दौरान राकेश के परिजनों ने राकेश की पत्नी को नौकरी देने की मांग भी उठाई।
जल्द कराएंगे बकाया भुगतान
डीसी मनरेगा उमेश तिवारी ने परिजनों को विश्वास दिलया कि वर्ष 2017-18 वित्त वर्ष का 6 माह एवं वर्ष 2018-19 का एक माह का बकाया मानदेय भी जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा।
4.50 करोड़ रुपये बकाया है मानदेय
गोरखपुर जिले में 782 रोजगार सेवकों का 4.50 करोड़ रुपये का मानदेय बकाया है। इनमें वित्त वर्ष 2017-18 का 03 करोड़ एवं 2018-19 का 1.50 करोड़ मानदेय बकाया है। मौजूदा वित्त वर्ष का काम चल रहा है। सीडीओ हर्षिता मेहता के निर्देश पर शासन को मानदेय देने के लिए बजट के लिए रिमांइडर भेजा गया है।